कुल्लू में घूमने की जगह – Top 5 Tourist Places In Kullu In Hindi.

इस पोस्ट में मैं आपको कुल्लू में घूमने की जगह के बारे में बताने वाला हूं। अगर आप कुल्लू घूमने जाते हैं, तो आप इन सभी जगहों को विजिट जरूर करें, ताकि कुल्लू ट्रिप को कंप्लीट करने के बाद आपको ऐसा ना लगे कि अपने कुल्लू को अच्छे से एंजॉय नहीं किया। आइए जानते हैं कुल्लू में घूमने की जगह के बारे में-

कुल्लू में होने वाला एडवेंचर एक्टिविटीज – Adventure Activities In Kullu In Hindi.

कुल्लू शहर में होने वाला पैराग्लाइडिंग और रिवर राफ्टिंग काफी फेमस है और इन दोनों एडवेंचर एक्टिविटीज को एंजॉय करने के लिए देश के विभिन्न शहरों से हर साल लाखों पर्यटक आते हैं। कुल्लू में व्यास नदी पर ही रिवर राफ्टिंग कराई जाती है। अगर आप रिवर राफ्टिंग और पैराग्लाइडिंग जैसी एडवेंचर एक्टिविटीज करना चाहते हैं, तो कुल्लू जाने पर आप वहां के ट्रैवल एजेंसी से इन एडवेंचर एक्टिविटीज की बुकिंग करवा सकते हैं। कुल्लू में आपको इन एडवेंचर एक्टिविटीज के कई सारे एजेंट्स भी देखने को मिल जाएंगे।

अगर आप रिवर राफ्टिंग और पैराग्लाइडिंग दोनों या सिर्फ एक की बुकिंग भी करवा लेते हैं, तो इन एडवेंचर एक्टिविटीज के बेस कैंप (जहां पर ये दोनों एडवेंचर एक्टिविटीज कराई जाती है) तक जाने के लिए अलग से टैक्सी वगैरह नहीं लेनी पड़ेगी। ट्रैवल एजेंट ही आपको अपनी गाड़ी से इन स्थानों पर लेकर जाएंगे।

कुल्लू में प्रति व्यक्ति रिवर राफ्टिंग का चार्ज ₹ 500-1000 और प्रति व्यक्ति पैराग्लाइडिंग का चार्ज ₹ 2000-3000 होता है। सीजन के अनुसार इन दोनों एडवेंचर एक्टिविटीज के चार्ज में कमी और बढ़ोतरी भी देखी जा सकती है।

रघुनाथ जी मंदिर – Raghunath Ji Temple Kullu In Hindi.

दोस्तों आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत के उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश इन दोनों राज्यों को देवभूमि कहा जाता है, क्योंकि भारत के ये दोनों राज्य ऐसे हैं, जहां पर बहुतायत संख्या में देवी-देवताओं के छोटे-बड़े मंदिर मौजूद हैं।

हिमाचल प्रदेश में स्थित रघुनाथ जी के इस मंदिर का निर्माण 1660 ई० में राजा जगत सिंह ने अपने पापों से छुटकारा पाने के लिए करवाया था। कुल्लू में स्थित यह मंदिर काफी प्रसिद्ध है, जहां दर्शन करने कुल्लू जाने वाले काफी संख्या में पर्यटक जाते हैं।

कुल्लू का एक छोटा-सा शहर नग्गर – Naggar City In Kullu.

कुल्लू शहर से करीब 23 किमी. की दूरी पर स्थित यह एक छोटा-सा शहर है, जो अपने प्राकृतिक सुंदरता के लिए काफी प्रसिद्ध है। कुल्लू के इस छोटे-से शहर में कैंपिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है। साथ ही आप यहां पर ट्रेकिंग भी कर सकते हैं। नग्गर में एक प्राचीन महल भी मौजूद है, लेकिन कुछ साल पहले ही इस महल को एक होटल में तब्दील कर दिया गया है। इस छोटे से शहर में आपको एक छोटा सा म्यूज़ियम भी देखने को मिल जाएगा। अगर आप हिमाचल प्रदेश के सभ्यता और संस्कृति को जानना चाहते हैं, तो आपकी यह ख्वाहिश इस म्यूजियम के माध्यम से सफल हो जाएगा।

बिजली महादेव मंदिर – Bijli Mahadev Temple Kullu In Hindi.

कुल्लू में स्थित यह मंदिर काफी प्राचीन और पारम्परिक है। यह मंदिर कुल्लू शहर से करीब 26 किमी. की दूरी पर स्थित है, जो भगवान भोलेनाथ को समर्पित है। इस मंदिर की खासियत ऐसी है, जिसके बारे में जानकर आपको भी आश्चर्य होगा। इस मंदिर में स्थापित भगवान शिव के शिवलिंग पर प्रत्येक 12 वर्ष में एक बार बिजली गिरती है, जिसकी वजह से इस मंदिर को बिजली महादेव मंदिर के नाम से जाना जाता है।

चौंकाने वाली बात तो तब होती है, जब भगवान शिव का यह टूटा हुआ शिवलिंग सिर्फ मक्खन लगाने से हो अपनी पहली अवस्था में आ जाता है। यानी की टूटे हुए शिवलिंग का दरार खत्म हो जाता है। इस मंदिर में दर्शन करने दूर-दूर श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं।

5. तीर्थन घाटी कुल्लू – Tirthan Ghati Kullu In Hindi.

काफी सारे पर्यटक ऐसे होते हैं, जो एक ऐसे पर्यटन स्थल की तलाश कर रहे होते हैं, जहां का माहौल बिलकुल शांत हो। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में स्थित तीर्थन घाटी उन्हीं लोगों के लिए है, जो एक शांत माहौल वाले जगह की तलाश कर रहे हैं। तीर्थन घाटी के शांत माहौल में हरी-भरी घाटियों और झीलों के साथ-साथ निरंतर बहती नदियों के किनारे समय व्यतीत करना अपने आप में एक अलग एक्सपीरियंस होगा। अगर आपको प्रकृति से लगाव है, तो आप भी तीर्थन घाटी को विजिट कर सकते हैं और इन प्राकृतिक संसाधनों के बीच समय व्यतीत कर सकते हैं।

कुल्लू जाने का सबसे अच्छा समय – Best Time To Visit Kullu In Hindi.

कुल्लू जाने का सबसे अच्छा समय सर्दी और गर्मी का होता है, क्योंकि सर्दी के मौसम में कुल्लू में स्नो फॉल होता है और गर्मी में यहां का मौसम काफी सुहावना रहता है, इसलिए सर्दी में स्नो फॉल को एंजॉय करने वाले पर्यटक और गर्मी में सुहावने मौसम को एंजॉय करने वाले पर्यटक कुल्लू आते हैं। मॉनसून में बारिश होने की वजह से कुल्लू घूमने के लिए मॉनसून अच्छा समय नहीं रहता है।

अगर आप सर्दी या गर्मी में कुल्लू ट्रिप पर जाने का प्लान कर रहे हैं, तो आप होटल की बुकिंग पहले ही कर लें, खासकर दिसंबर और जनवरी में, क्योंकि इन दो महीनों में कुल्लू में भारी मात्रा में स्नो फॉल होता है, जिसकी वजह से दिसंबर और जनवरी में काफी सारे पर्यटक स्नो फॉल को एंजॉय करने आते हैं।

अगर आपके कुल्लू में घूमने लायक जगह के बारे में दी गई जानकारी से कोई दिक्कत हुई हो, तो हमें कमेंट बॉक्स में बता सकते हैं।

धन्यवाद।

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