ऐसे करें केदारनाथ मंदिर की ट्रैकिंग | How To Do Kedarnath Temple Trekking In Hindi.

यहां पर मैं आपको केदारनाथ मंदिर की ट्रेकिंग करने के सही तरीके बताने वाला हूं, ताकि अगर आप ट्रेकिंग करके केदारनाथ मंदिर के दर्शन करने जाते हैं, तो मेरे द्वारा बताए गए इन जरूरी टिप्स को फॉलो करके आप आसानी से केदारनाथ मंदिर के ट्रेक को कंप्लीट कर सकें। केदारनाथ मंदिर के ट्रेक को कंप्लीट करने वाले टिप्स को आपके साथ शेयर करने का मेरा उद्देश्य यही है कि केदारनाथ मंदिर की यात्रा करने वाले अधिकतर लोग युवा से लेकर वृद्ध तक केदारनाथ मंदिर के दर्शन करने ट्रेक करके ही जाते हैं।

अगर मैं केदारनाथ मंदिर के ट्रेक को कंप्लीट करने का टिप्स आपके साथ शेयर कर दूं, तो आपके और आपके जैसे लाखों लोगों को केदारनाथ मंदिर के ट्रेक को कंप्लीट करने में थोड़ी बहुत सहूलियत मिल जाएगी। आइए आप जानते हैं केदारनाथ मंदिर की ट्रैक करने के टिप्स के बारे में-

केदारनाथ मंदिर की ट्रेकिंग से संबंधित टिप्स –

यह बात आपको भी मालूम होगी कि केदारनाथ मंदिर का ट्रेक गौरीकुंड से स्टार्ट होता है, जो करीब 16 से 18 किलोमीटर का होता है। आइए अब जानते हैं इस 16 से 18 किलोमीटर के ट्रेक को कम्प्लीट करने के जरूरी टिप्स के बारे में-

केदारनाथ मंदिर के ट्रेक को कंप्लीट करने के लिए आपके पास ट्रैकिंग या स्पोर्ट्स शूज होना चाहिए, क्योंकि इसका ग्रिप काफी अच्छा होता है, जो पहाड़ों पर ट्रेकिंग करने में काफी मदद करता है। ट्रैकिंग या स्पोर्ट्स शूज पहन कर ट्रेकिंग के दौरान फिसलने की संभावना काफी कम हो जाती है।

ट्रैकिंग या स्पोर्ट्स शूज पहन कर ट्रेकिंग करने से भी ज्यादा जरूरी यह है कि आपके पैर के नाखून बिल्कुल छोटे-छोटे होने चाहिए, क्योंकि पहाड़ों पर शूज पहनकर ट्रेकिंग करने के दौरान नाखून बड़े होने पर पैर की उंगली और नाखून दर्द करने लगते हैं, खासकर जब आप पहाड़ों से नीचे उतर रहे हों, क्योंकि पहाड़ों से नीचे उतरते समय पैर की उंगली जूते कि आगे वाली नोक से लगी रहती है और इस केस में जब आपके पैर के नाखून बड़े रहेंगे, तो इसमें कोई शक नहीं है कि आपके पैर की उंगली और नाखून दर्द नहीं करेंगे।

पैर के नाखून वाला एक्सपीरियंस आपने भी अपनी जिंदगी में कभी न कभी किया होगा, लेकिन हो सकता है कि इस चीज पर आपका ध्यान न गया हो। अगर आपको ट्रेकिंग करने का यह सेकरेट पहले से पता था, तो हमें कमेंट में जरूर बताएं।

केदारनाथ मंदिर की ट्रेकिंग करने के दौरान आप अपना सिर्फ जरूरी समान ही लेकर जाएं और बाकी समान सोनप्रयाग या गौरीकुंड के किसी लॉकर रूम में ही रख दें। केदारनाथ मंदिर की ट्रेकिंग के दौरान आपके पास जितना कम समान रहेगा, आप उतने ही कम समय में और आसानी से केदारनाथ मंदिर के ट्रेक को कम्प्लीट कर सकते हैं।

केदारनाथ मंदिर की ट्रेक स्टार्ट करने से पहले आपको गौरीकुंड से एक स्टिक खरीद लेनी चाहिए, ताकि आपको केदारनाथ मंदिर की लगभग 16-18 किलोमीटर का ट्रेक कम्प्लीट करने में आसानी हो सके। दोस्तों अगर आप सोंच रहे हैं कि युवा लोगों को ट्रेक करने के लिए स्टिक की क्या जरूरत है, तो आपको बता दें कि अगर आप स्टिक के सहारे केदारनाथ मंदिर या फिर अन्य कोई भी ट्रेक कम्प्लीट करते हैं, तो स्टिक के सहारे आपको किसी भी ट्रेक को कम्प्लीट करने में काफी मदद मिलेगी।

केदारनाथ मंदिर की ट्रेकिंग करने के दौरान आपको वृद्ध श्रद्धालु के साथ-साथ युवा पीढ़ी के श्रद्धालु भी स्टिक लेकर केदारनाथ मंदिर की ट्रेकिंग करते हुए देखने को मिल जाएंगे। अगर आपने कभी भी स्टिक लेकर किसी ट्रेक को कम्प्लीट नहीं किया है, तो इस बार आप स्टिक लेकर केदारनाथ मंदिर का ट्रेक कम्प्लीट करें और स्टिक लेकर केदारनाथ मंदिर के ट्रेक को कम्प्लीट करने का एक्सपीरियंस आफ आप मेरे साथ कमेंट बॉक्स में शेयर जरूर करें।

केदारनाथ मंदिर की ट्रेक आपको सूर्योदय से पहले ही स्टार्ट कर देनी चाहिए, ताकि केदारनाथ मंदिर का ट्रेक आपको धूप में न करना पड़े, क्योंकि अगर आप ज्यादा धूप होने पर केदारनाथ मंदिर का ट्रैक स्टार्ट करते हैं, तो आपको इस ट्रेक को कंप्लीट करने में काफी ज्यादा थकान हो सकती है। अगर आप सूर्योदय होने के बाद या फिर दोपहर में केदारनाथ मंदिर के ट्रेक को स्टार्ट करने का प्लान कर रहे हैं, तो आप इस बात को ध्यान में रखते हुए इस ट्रेक को स्टार्ट करें कि आप सूर्यास्त होने से पहले तक केदारनाथ मंदिर पहुंच जाए, क्योंकि अंधेरा में पहाड़ों पर ट्रेकिंग करना खतरनाक साबित हो सकता है।

(इन्हें भी पढ़ें:- केदारनाथ जाने से पहले जान ले वरना पछताना पड़ेगा)

केदारनाथ मंदिर की ट्रेकिंग करने के दौरान आप पानी का सेवन अधिक करें, क्योंकि प्यास लगने पर पानी न पीने से काफी थकान होने लगती है और अगर आप समय-समय पर पानी पीते रहेंगे, तो आपको थकान भी कम महसूस होगा।

केदारनाथ मंदिर की ट्रेकिंग को आप धीरे-धीरे कम्प्लीट करें और ट्रेकिंग करने के दौरान आप समय-समय पर विश्राम भी करते रहें, ताकि आपको इस ट्रेक को कंप्लीट करते-करते काफी ज्यादा थकान ना हो पाए।

केदारनाथ मंदिर की ट्रेक स्टार्ट करते समय आप अपने साथ ज्यादा पानी और ज्यादा खाने-पीने की अधिक चीजें लेकर न जाएं, क्योंकि केदारनाथ मंदिर के ट्रेक पर आपको हर जगह पहाड़ों से गिरते हुए पानी और जगह-जगह पर रेस्टोरेंट की सुविधा देखने को मिल जाएंगी। दोस्तों पहाड़ों पर से गिरने वाला पानी बिल्कुल शुद्ध होता है, जिसे केदारनाथ मंदिर की ट्रेकिंग करने वाले सभी लोग अपने पीने के लिए इस्तेमाल करते हैं।

नोट:- केदारनाथ मंदिर की ट्रेक करने के दौरान आपको जगह-जगह पर टॉयलेट और बाथरूम वगैरह की सुविधा भी देखने को मिल जाएगी।

अगर आप पीने के सिर्फ एक लीटर पानी और खाने के लिए सिर्फ एक-दो बिस्किट और चॉकलेट की पैकेट लेकर जाते हैं, तो आपके पास ज्यादा सामान न रहने पर आपको ट्रेकिंग करने में काफी आसानी हो जाएगी।

अगर आपका प्लान ट्रेकिंग करके केदारनाथ मंदिर के दर्शन करने का है, तो आप अपने पास जरूरी मेडिसिन जैसे पेट दर्द, सिर दर्द, बुखार, सर्दी, खासी, उल्टी और चक्कर आदि के साथ-साथ अन्य जरूरी मेडिसिन और ENO या ORS वगैरह रखना ना भूलें, क्योंकि केदारनाथ मंदिर की ट्रेनिंग के दौरान आपको इन मेडिसिन की जरूरत कभी भी पड़ सकती है। ENO और ORS वगैरह का इस्तेमाल आप ट्रेकिंग स्टार्ट करने पर पीने के पानी के साथ कर सकते हैं। ENO और ORS पानी में मिलाकर पीने से थोड़ी एनर्जी मिलती है और ट्रेकिंग के दौरान अंदर से काफी अच्छा महसूस होता है।

केदारनाथ मंदिर के ट्रेक के दौरान आपको कम मात्रा में ब्रेकफास्ट और लंच करनी चाहिए, क्योंकि ट्रेक के दौरान अधिक मात्रा में ब्रेकफास्ट और लंच करने से आपके पेट में दर्द होने भी शुरू हो सकते हैं। एक ही बार अधिक भोजन करने से अच्छा यह है कि आप समय-समय पर बिस्किट और चॉकलेट वगैरह खा कर पानी पीते रहें। ऐसा करने से आपको एनर्जी भी मिलती रहेगी और आपके पेट दर्द की समस्या खत्म हो जाएगी।

केदारनाथ मंदिर की ट्रेकिंग के दौरान आप अपने पास टॉर्च, माचिस और लाइटर वगैरह जरूर रखें, क्योंकि इन दोनों चीजों की कमी आपको इस ट्रेक के दौरान इमरजेंसी के दौरान पड़ सकती है।

आपको भी अच्छे से मालूम होगा कि पहाड़ों पर बारिश होने की संभावना हमेशा बनी रहती है, इसलिए अगर आप केदारनाथ मंदिर के दर्शन करने ट्रेकिंग करके जाना चाहते हैं, तो आप अपने पास रेन कोट जरूर रखें, ताकि बारिश पड़ने के दौरान आप भीग न सके, क्योंकि अगर आप बारिश में भीग जाते हैं, तो आपको सर्दी और जुकाम होने की संभावना बढ़ जाएगी।

केदारनाथ मंदिर की ट्रेकिंग करने के लिए आप अपने पास एक चप्पल जरूर रखें, ताकि ट्रेकिंग के दौरान बारिश पड़ने पर आप चप्पल पहन सकें और अपने जूते को भीगने से बचा सकें।

केदारनाथ मंदिर की ट्रेकिंग से जुड़े इन टिप्स को आप अपने केदारनाथ मंदिर की यात्रा करने वाले दोस्तों के साथ शेयर जरूर करें, ताकि उनको भी केदारनाथ मंदिर की ट्रेकिंग से जुड़े इन सेकरेट टिप्स के बारे में जानकारी प्राप्त हो सके।

धन्यवाद।

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